राजस्व नक्शे में 6 कड़ी दर्ज है , मौके पर 4 फुट पीड़ित के निजी जमीन कब्जा करने की कोशिश - पीड़ित ने फर्जी आख्या निरस्त करने की मांग की

जौनपुर। सदर तहसील के मुरादगंज क्षेत्र में आराजी नं. 593/0.1740 हे. से जुड़े रास्ते के विवाद में नया मोड़ आ गया है। पीड़ित भाई-बहन वीर बहादुर सिंह व प्रतिभा सिंह ने जिलाधिकारी को प्रार्थना-पत्र देकर

राजस्व नक्शे में 6 कड़ी दर्ज है , मौके पर 4 फुट पीड़ित के निजी जमीन कब्जा करने की कोशिश - पीड़ित ने फर्जी आख्या निरस्त करने की मांग की

जौनपुर। सदर तहसील के मुरादगंज क्षेत्र में आराजी नं. 593/0.1740 हे. से जुड़े रास्ते के विवाद में नया मोड़ आ गया है। पीड़ित भाई-बहन वीर बहादुर सिंह व प्रतिभा सिंह ने जिलाधिकारी को प्रार्थना-पत्र देकर हल्का लेखपाल व राजस्व निरीक्षक पर गंभीर आरोप लगाए हैं और फर्जी आख्या को निरस्त कर उच्च अधिकारी से पुनः पैमाइश कराने की मांग की है। प्रार्थी के अनुसार उनकी आराजी के पूरब तरफ राजस्व मानचित्र में 6 कड़ी (लगभग 6 फुट 6 इंच) का रास्ता दर्ज है। आरोप है कि इलाके के कुछ लोगों द्वारा उक्त रास्ते को 4 फुट और बढ़कर कर उनकी निजी जमीन पर जबरन रास्ता बनाया जा रहा है। पीड़ित ने प्रार्थना-पत्र में आरोप लगाया है कि दिनांक 03/10/26 की शिकायत पर 14/10/26 को हल्का लेखपाल व राजस्व निरीक्षक मौके पर पहुंचे और फोन कर उन्हें बुलाया। वहां पहुंचने पर लेखपाल द्वारा 10,000 रुपये की मांग की गई। मना करने पर धमकी दी गई कि मुकदमा लिखवा दिया जाएगा। प्रार्थना-पत्र में यह भी आरोप है कि लेखपाल ने कहा - "मैं यादव जाति से हूँ, यादव भाइयों के पक्ष में ही रिपोर्ट लगाऊंगा" और राजस्व निरीक्षक ने कहा - "ये फाइनल रिपोर्ट नहीं, IGRS की शिकायत है, मैं जो लिखूंगा वही मान्य होगा।" पीड़ित का आरोप है कि विपक्षी भू-माफियाओं से सांठगांठ कर फर्जी आख्या लगाकर मामले का निस्तारण कर दिया गया, जिससे विपक्षियों का मनोबल बढ़ गया है। पीड़ित ने बताया कि उसके माता-पिता का देहांत हो चुका है और वह अपनी बहन के साथ अकेला व गरीब है। उसे आशंका है कि महंगी जमीन के लालच में उसके व उसकी बहन के साथ कोई अप्रिय घटना कारित की जा सकती है। पीड़ित ने जिलाधिकारी से मांग की है कि हल्का लेखपाल व राजस्व निरीक्षक की आख्या को तलब कर निरस्त किया जाये, किसी उच्च राजस्व राजपत्रित अधिकारी द्वारा राजस्व मानचित्र के अनुसार मौके पर रास्ते की चौड़ाई की पैमाइश कराई जाये और तब तक निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाये।