मानदेय की मांग पर पैरावेट कर्मियों का बड़ा ऐलान, 23 जुलाई से टीकाकरण व कृत्रिम गर्भाधान कार्य का बहिष्कार

कर्मियों का आरोप है कि कई बार पत्राचार और अनुरोध के बावजूद शासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे प्रदेशभर के पैरावेट कर्मियों में भारी नाराजगी है।

मानदेय की मांग पर पैरावेट कर्मियों का बड़ा ऐलान, 23 जुलाई से टीकाकरण व कृत्रिम गर्भाधान कार्य का बहिष्कार

हेडलाइन:

मानदेय की मांग पर पैरावेट कर्मियों का बड़ा ऐलान, 23 जुलाई से टीकाकरण व कृत्रिम गर्भाधान कार्य का बहिष्कार

4 अगस्त तक मांगें पूरी न होने पर 5 अगस्त को लखनऊ में पदयात्रा और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की चेतावनी

जौनपुर। नियमित मानदेय की मांग को लेकर प्रदेश के पैरावेट पशुमित्र, लाइवस्टॉक इंसेमिनेटर एवं मैत्री कर्मियों ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी जौनपुर को सौंपे गए ज्ञापन में कर्मियों ने कहा है कि वर्षों से नियमित मानदेय की मांग लंबित है, लेकिन शासन स्तर पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

ज्ञापन के अनुसार, 14 जुलाई 2025 को मंत्री स्तर पर नियमित मानदेय के संबंध में आश्वासन दिया गया था। इसके बाद प्रमुख सचिव द्वारा पशुपालन विभाग को प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश भी दिए गए। संगठन का दावा है कि 13 जनवरी 2026 को नियमित मानदेय का प्रस्ताव शासन को प्रस्तुत कर दिया गया, लेकिन अब तक उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया।

कर्मियों का आरोप है कि कई बार पत्राचार और अनुरोध के बावजूद शासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे प्रदेशभर के पैरावेट कर्मियों में भारी नाराजगी है।

इसी के विरोध में संगठन ने 23 जुलाई 2026 से एफएमडी टीकाकरण एवं कृत्रिम गर्भाधान कार्य का बहिष्कार शुरू करने की घोषणा की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि 4 अगस्त 2026 तक नियमित मानदेय पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 5 अगस्त 2026 को पशुपालन निदेशालय, लखनऊ से विधानसभा तक पदयात्रा निकाली जाएगी तथा जीपीओ पार्क में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होने पर उसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। संगठन ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन तक पहुंचाकर शीघ्र उचित निर्णय कराने की मांग की है।