जौनपुर। धर्मापुर बाजार में धूमधाम से मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, भक्ति में सराबोर दिखे श्रद्धालु
जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भक्ति गीतों और भजनों पर श्रद्धालु झूमते और नृत्य करते नजर आए। पूरे वातावरण में भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से भक्तिमय माहौल बना रहा।
धर्मापुर, जौनपुर। धर्मापुर बाजार में स्थानीय लोगों के सामूहिक सहयोग से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। बाजार के अलग-अलग स्थानों पर भी जन्माष्टमी के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन-पूजन कर सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भक्ति गीतों और भजनों पर श्रद्धालु झूमते और नृत्य करते नजर आए। पूरे वातावरण में भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से भक्तिमय माहौल बना रहा।कार्यक्रम के दौरान लोगों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके आदर्शों और उनके द्वारा बताए गए सत्य एवं धर्म के मार्ग के बारे में जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अवतार केवल कंस के अत्याचार का अंत करने के लिए ही नहीं, बल्कि धर्म की स्थापना, अधर्म के विनाश और मानव समाज को सत्य एवं कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने के लिए हुआ था।
श्रीकृष्ण का संदेश आज भी प्रासंगिककार्यक्रम में बताया गया कि श्रीकृष्ण ने सत्य, धर्म, कर्तव्य, कर्म और सदाचार को जीवन का आधार बताया। गीता के माध्यम से उन्होंने मनुष्य को अपने कर्तव्य का पालन करते हुए कर्म करने और उसके परिणाम की चिंता में न उलझने का संदेश दिया। उनका जीवन यह सीख देता है कि मुश्किल परिस्थितियों में भी सत्य और धर्म का साथ नहीं छोड़ना चाहिए तथा अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़ा होना चाहिए।
सहयोग और आपसी प्रेम बना आयोजन की पहचान
जन्माष्टमी कार्यक्रम की सबसे खास बात लोगों का आपसी सहयोग और भाईचारा रहा। किसी ने कार्यक्रम के लिए टेंट की व्यवस्था की तो किसी ने साउंड सिस्टम उपलब्ध कराया। वहीं किसी ने लाइट की पूरी जिम्मेदारी संभाली। बाजार के लोगों ने अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग देकर कार्यक्रम को सफल बनाया।इस सामूहिक प्रयास से यह संदेश भी सामने आया कि आपसी प्रेम, स्नेह और सहयोग से कोई भी धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन बेहतर तरीके से संपन्न किया जा सकता है। लोगों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, संस्कार और भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को जानने का अवसर मिलता है।कार्यक्रम में सचिन मौर्य उर्फ लकी, अनूप यादव, सौरभ, सुरेश यादव, चंचल, अमन, डमरू, राहुल गुप्ता, मखंचु मोदनवाल, अंकित यादव, अमन सहित बड़ी संख्या में युवा, बुजुर्ग एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने मिलजुलकर कार्यक्रम को सफल बनाया और एक-दूसरे को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।