दूल्हा हत्याकांड में आरोपी भोले राजभर की जमानत अर्जी खारिज
जौनपुर। जिला जज सुशील कुमार शशि की अदालत ने खेतासराय थाना क्षेत्र के चर्चित दूल्हा हत्याकांड में आरोपी भोले राजभर निवासी जपटापुर, सरायख्वाजा की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपी के आपराधिक इतिहास को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।
जौनपुर। जिला जज सुशील कुमार शशि की अदालत ने खेतासराय थाना क्षेत्र के चर्चित दूल्हा हत्याकांड में आरोपी भोले राजभर निवासी जपटापुर, सरायख्वाजा की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपी के आपराधिक इतिहास को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।अभियोजन के अनुसार, बीते एक मई को दूल्हा आजाद बिंद अपनी शादी में शामिल होने जा रहा था। मनेछा बादशाही के पास दो बाइक सवार बदमाशों ने उसे गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के संबंध में मृतक के पिता ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि आजाद बिंद की शादी सोनी बिंद से तय हुई थी। आरोप है कि प्रदीप बिंद इस शादी के खिलाफ था और वह नहीं चाहता था कि सोनी की शादी आजाद से हो। बताया गया कि उसने फोन पर धमकी भी दी थी।मामले में आरोपी भोले राजभर की ओर से दाखिल जमानत प्रार्थना पत्र पर अदालत में बहस हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपी को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसे मामले में झूठा फंसाया गया है।वहीं, जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी लाल बहादुर पाल ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि केस डायरी में वादी और चश्मदीद गवाहों के बयान घटना का समर्थन करते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि दुश्मनी के चलते दूल्हे आजाद बिंद की हत्या में आरोपी की संलिप्तता से संबंधित साक्ष्य उपलब्ध हैं। अभियोजन की ओर से आरोपी का आपराधिक इतिहास भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया।दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला जज ने भोले राजभर की जमानत प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया।