जौनपुर/ कोचारी में जर्जर सड़क से मरीज गर्भवती महिलाएं, स्कूली बच्चे और राहगीर परेशान; ग्रामीणों ने संगठन को सौंपा प्रार्थना पत्र
रामपुर/जौनपुर। रामपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम सभा कोचारी में सड़क की बदहाल स्थिति ग्रामीणों के लिए लगातार परेशानी का कारण बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की जर्जर सड़क को लेकर कई बार ग्राम प्रधान से शिकायत की गई। स्थानीय विधायक को भी लिखित शिकायत देकर सड़क निर्माण की मांग उठाई गई, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
सड़क बदहाल: डेढ़ किलोमीटर पहले रुक जाती है एंबुलेंस, खाट पर मरीज ढोने को मजबूर ग्रामीण
कोचारी गांव में बदहाल सड़क बनी ग्रामीणों की बड़ी परेशानी, बारिश में बच्चों से लेकर मरीजों और गर्भवती महिलाओं तक को भारी दिक्कत
रामपुर/जौनपुर। रामपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम सभा कोचारी में सड़क की बदहाल स्थिति ग्रामीणों के लिए लगातार परेशानी का कारण बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की जर्जर सड़क को लेकर कई बार ग्राम प्रधान से शिकायत की गई। स्थानीय विधायक को भी लिखित शिकायत देकर सड़क निर्माण की मांग उठाई गई, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे और कीचड़ होने के कारण स्कूली बच्चों को आवागमन में भारी परेशानी होती है। ग्रामीणों के अनुसार, कई बार बच्चे रास्ते में फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे उनके कपड़े खराब हो जाते हैं और उन्हें चोट भी लगती है। इसी तरह मोटरसाइकिल सवारों के फिसलकर गिरने की घटनाएं भी सामने आने की बात ग्रामीणों ने कही है।
ग्रामीणों के मुताबिक अधिक बारिश होने पर सड़क की हालत इतनी खराब हो जाती है कि गांव से बाजार तक वाहन से जाना मुश्किल हो जाता है। आवश्यक सामान लेने के लिए भी लोगों को कई बार पैदल ही कीचड़ और गड्ढों से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है।
डेढ़ किलोमीटर पहले रुक जाती है एंबुलेंस, खाट पर मरीज पहुंचाने की मजबूरी
सबसे गंभीर समस्या ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन स्थिति को लेकर बताई। ग्रामीणों का दावा है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण एंबुलेंस गांव के अंदर तक नहीं पहुंच पाती और कई बार घर से लगभग डेढ़ किलोमीटर पहले ही रुक जाती है। ऐसी स्थिति में मरीजों को खाट अथवा अन्य साधनों से एंबुलेंस तक पहुंचाने की मजबूरी होने की बात ग्रामीणों ने कही। ग्रामीणों के अनुसार, किसी व्यक्ति की अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिवार के सामने तत्काल परिवहन की गंभीर समस्या खड़ी हो जाती है।
ग्रामीणों ने गर्भवती महिलाओं के अस्पताल पहुंचने को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि खराब रास्ते के कारण गर्भवती महिलाओं को कई बार दोपहिया वाहन से किसी तरह अस्पताल ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों का दावा है कि कभी-कभी प्रसव पीड़ा रास्ते में ही शुरू हो जाती है, जिससे परिवार और आसपास के लोगों के सामने गंभीर परेशानी खड़ी हो जाती है।
सड़क की बदहाली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ग्रामीणों के अनुसार, जहां सड़क पूरी तरह खराब हो चुकी है, वहां वे अपनी जेब से पैसे लगाकर ईंट के टुकड़े और अन्य सामग्री ट्रैक्टर से डलवाते हैं, ताकि आवागमन कुछ हद तक संभव हो सके।
ग्रामीणों का कहना है कि यह व्यवस्था स्थायी समाधान नहीं है। उनका कहना है कि वे वर्षों से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण को लेकर ग्राम प्रधान से कई बार मौखिक रूप से शिकायत की गई। इसके बाद स्थानीय विधायक को भी लिखित शिकायत दी गई, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक सड़क निर्माण की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित विभाग मौके का स्थलीय निरीक्षण कर सड़क की वास्तविक स्थिति का आकलन करे और यदि सड़क निर्माण स्वीकृत है तो उसकी प्रगति, बजट, कार्यदायी संस्था तथा निर्माण की समयसीमा सार्वजनिक की जाए।
बात दे आपको मामले की जानकारी मिलने पर जब संवाददाता ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया तो सड़क की हालत बेहद खराब दिखाई दी। सड़क के बीच कई स्थानों पर बड़े गड्ढे नजर आए, जिनकी गहराई ग्रामीणों के अनुसार लगभग एक से डेढ़ फीट तक है। बरसात के बाद इन गड्ढों में पानी और कीचड़ जमा होने से आवागमन और अधिक कठिन होने की स्थिति दिखाई दी।
जहां सड़क की स्थिति ज्यादा खराब है, वहां ग्रामीणों द्वारा स्वयं ईंट के टुकड़े डलवाकर रास्ते को चलने योग्य बनाने का प्रयास किया गया है।
कोचारी के ग्रामीणों की समस्या अब केवल सड़क निर्माण की मांग तक सीमित नहीं रह गई है। सवाल यह है कि यदि सड़क वास्तव में इतनी जर्जर है कि आपात स्थिति में एंबुलेंस गांव के भीतर तक नहीं पहुंच पा रही, तो संबंधित विभाग और प्रशासन ने अब तक इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं किया?
ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायतों की स्थिति क्या है? सड़क निर्माण के लिए कोई प्रस्ताव या बजट स्वीकृत हुआ है या नहीं? यदि स्वीकृति हुई है तो निर्माण कार्य अब तक शुरू क्यों नहीं हुआ? इन सवालों का जवाब संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से अपेक्षित है।
कोचारी गांव के ग्रामीणों ने सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन संगठन को प्रार्थना पत्र सौंपकर कहा कि प्रशासन से तत्काल स्थलीय जांच कराई जाय । ग्रामीणों ने जर्जर सड़क की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करते हुए सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने तथा बरसात के दौरान आपातकालीन आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग उठाई है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण मरीजों, गर्भवती महिलाओं, स्कूली बच्चों और आम राहगीरों को आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में प्रशासन को मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र स्थायी समाधान की दिशा में कार्रवाई करनी चाहिए।