जौनपुर/ नन्हे-मुन्नों ने निकाली दांडी यात्रा, तिरंगा लेकर पहुंचे जफराबाद थाना

जौनपुर। जाफराबाद क्षेत्र स्थित विजय प्रताप इंटरनेशनल स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से दांडी यात्रा निकाली

जौनपुर/ नन्हे-मुन्नों ने निकाली दांडी यात्रा, तिरंगा लेकर पहुंचे जफराबाद थाना

गांधी के सत्य-अहिंसा के संदेश से लेकर सड़क सुरक्षा तक बच्चों को किया गया जागरूक

रिपोर्ट- ज्ञानेंद्र कुमार मौर्य 

जौनपुर। जाफराबाद क्षेत्र स्थित विजय प्रताप इंटरनेशनल स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से दांडी यात्रा निकाली। हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारों के साथ बच्चों का दल विद्यालय परिसर से जफराबाद थाना पहुंचा। बच्चों की इस पहल ने क्षेत्र में देशभक्ति और जागरूकता का संदेश दिया।थाना परिसर पहुंचने पर पुलिसकर्मियों ने बच्चों का स्वागत किया। इस दौरान SI अरविंद सहित पुलिसकर्मी मौजूद रहे। दांडी यात्रा में एक बच्चा महात्मा गांधी का रूप धारण किए हुए था। SI अरविंद ने गांधी जी की वेशभूषा में सजे बच्चे का माल्यार्पण कर स्वागत किया और बच्चों को महात्मा गांधी के जीवन, उनके संघर्ष तथा राष्ट्र के प्रति उनके योगदान के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान कांस्टेबल आशीष तिवारी ने बच्चों को यातायात एवं सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को ट्रैफिक सिग्नल के विभिन्न संकेतों का अर्थ समझाते हुए सड़क पार करते समय सावधानी बरतने, सड़क पर निर्धारित नियमों का पालन करने तथा वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने बच्चों को समझाया कि यातायात नियम केवल वाहन चालकों के लिए ही नहीं, बल्कि पैदल चलने वाले लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। बच्चों से अपील की गई कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और अपने परिवार के सदस्यों को भी इसके लिए जागरूक करें। दांडी मार्च भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। महात्मा गांधी ने 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से दांडी तक ऐतिहासिक पदयात्रा शुरू की थी। इसका संबंध ब्रिटिश सरकार के नमक कानून के विरोध से था। गांधी जी और उनके साथियों ने 6 अप्रैल 1930 को दांडी पहुंचकर नमक कानून का प्रतीकात्मक विरोध किया। बच्चों द्वारा आयोजित दांडी यात्रा इसी ऐतिहासिक घटना और गांधी जी के सत्याग्रह, अहिंसा, आत्मनिर्भरता तथा अन्याय के शांतिपूर्ण विरोध के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक शैक्षिक प्रयास रहा। बता दे आपको महात्मा गांधी का मानना था कि सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलकर बड़े से बड़ा परिवर्तन संभव है। उन्होंने स्वच्छता, अनुशासन, आत्मनिर्भरता और सामाजिक एकता पर भी विशेष जोर दिया। बच्चों को गांधी जी के जीवन से प्रेरणा लेते हुए सत्य बोलने, दूसरों का सम्मान करने, स्वच्छता बनाए रखने और देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापिका  श्रीमती  श्वेता रॉय  सहित विद्यालय के अन्य शिक्षिकाएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम के दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। तिरंगा हाथों में लेकर देशभक्ति के नारे लगाते हुए बच्चों ने विद्यालय से जफराबाद थाने तक यात्रा की और राष्ट्रप्रेम, गांधीवादी विचारों तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।