कोचारी में उपभोक्ताओं से ₹100–₹200 प्रतिमाह मांगने की शिकायत; पैसे नहीं देने पर अधिक बिल आने की कथित धमकी, पुलिस और विद्युत विभाग से जांच की मांग

जौनपुर। रामपुर ब्लॉक क्षेत्र के सुरेरी पावर हाउस अंतर्गत ग्राम सभा कोचारी में बिजली मीटर रीडिंग और बिलिंग व्यवस्था को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। शिकायत में मीटर रीडिंग करने वाले सुनील कुमार यादव पर उपभोक्ताओं से कथित रूप से ₹100 से ₹200 प्रतिमाह मांगने तथा धनराशि देने पर कम रीडिंग दर्ज करने और भुगतान न करने पर अधिक बिल आने की बात कहने के आरोप लगाए गए हैं।

कोचारी में उपभोक्ताओं से ₹100–₹200 प्रतिमाह मांगने की शिकायत; पैसे नहीं देने पर अधिक बिल आने की कथित धमकी, पुलिस और विद्युत विभाग से जांच की मांग
कोचारी में उपभोक्ताओं से ₹100–₹200 प्रतिमाह मांगने की शिकायत; पैसे नहीं देने पर अधिक बिल आने की कथित धमकी, पुलिस और विद्युत विभाग से जांच की मांग

कोचारी में उपभोक्ताओं से ₹100–₹200 प्रतिमाह मांगने की शिकायत; पैसे नहीं देने पर अधिक बिल आने की कथित धमकी, पुलिस और विद्युत विभाग से जांच की मांग

जौनपुर। रामपुर ब्लॉक क्षेत्र के सुरेरी पावर हाउस अंतर्गत ग्राम सभा कोचारी में बिजली मीटर रीडिंग और बिलिंग व्यवस्था को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। शिकायत में मीटर रीडिंग करने वाले सुनील कुमार यादव पर उपभोक्ताओं से कथित रूप से ₹100 से ₹200 प्रतिमाह मांगने तथा धनराशि देने पर कम रीडिंग दर्ज करने और भुगतान न करने पर अधिक बिल आने की बात कहने के आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर पुलिस एवं विद्युत विभाग से निष्पक्ष जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

शिकायत के अनुसार कुछ उपभोक्ताओं से कथित रूप से प्रतिमाह निर्धारित धनराशि ली जाती है। वहीं कुछ उपभोक्ताओं के बिजली बिल में अचानक या अत्यधिक अंतर आने की बात कही गई है। शिकायत में लगभग ₹780, ₹1,700 और ₹4,000 तक के बिल आने के उदाहरण भी दिए गए हैं। हालांकि इन बिलों में अंतर का वास्तविक कारण क्या है, यह विभागीय रिकॉर्ड और तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

शिकायतकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया है कि मीटर रीडिंग के बदले कथित धनराशि देने वाले कुछ उपभोक्ताओं के बिल अपेक्षाकृत कम आते हैं, जबकि धनराशि न देने पर अधिक बिल आने की बात कही जाती है। यदि जांच में मीटर रीडिंग और बिलिंग के बीच किसी प्रकार की जानबूझकर हेरफेर सामने आती है, तो मामला गंभीर विभागीय अनियमितता का रूप ले सकता है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पिछले 24 महीनों की मीटर रीडिंग, बिलिंग और भुगतान रिकॉर्ड का मिलान कराने की मांग की गई है। साथ ही संबंधित उपभोक्ताओं के मीटरों की मौके पर वास्तविक रीडिंग सत्यापित करने, मीटर रीडर की अधिकृत भूमिका और नियुक्ति की जांच करने तथा उपलब्ध ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों को जांच में शामिल करने की मांग की गई है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि यदि जांच के दौरान अवैध धनराशि मांगने, मीटर रीडिंग में हेरफेर अथवा किसी अन्य संज्ञेय अपराध की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध प्रचलित कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही विद्युत विभाग द्वारा अलग से विभागीय जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई है।

मामले में पुलिस एवं विद्युत विभाग की जांच महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि आरोप केवल किसी एक बिजली बिल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मीटर रीडिंग, बिलिंग प्रक्रिया और उपभोक्ताओं से कथित धनराशि वसूली से जुड़े हैं। यदि रिकॉर्ड की जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। वहीं यदि आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं तो जांच के आधार पर वास्तविक स्थिति भी स्पष्ट हो सकेगी।

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) बिजली संबंधी शिकायतों के लिए 1912 तथा 1800-410-1912 हेल्पलाइन उपलब्ध कराता है। UPPCL के उपभोक्ता सेवा पोर्टल पर बिल सुधार और मीटर संबंधी शिकायतों की सेवाएं भी उपलब्ध हैं।

अब देखना यह है कि पुलिस और विद्युत विभाग इस शिकायत को किस स्तर पर लेते हैं और मीटर रीडिंग से लेकर बिलिंग तक के रिकॉर्ड की जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं।