निजी भूमि पर सड़क निर्माण का आरोप, नगर पालिका की मजदूरों द्वारा अवैध अतिक्रमण करने से मचा हड़कंप

भूमि स्वामी ने ईओ को दी शिकायत, कहा—बिना सहमति व विधिक प्रक्रिया के प्लॉट में रास्ता बनाने का प्रयास; तत्काल कार्रवाई की मांग

निजी भूमि पर सड़क निर्माण का आरोप, नगर पालिका की मजदूरों द्वारा अवैध अतिक्रमण करने से मचा हड़कंप

भूमि स्वामी ने ईओ को दी शिकायत, कहा—बिना सहमति व विधिक प्रक्रिया के प्लॉट में रास्ता बनाने का प्रयास; तत्काल कार्रवाई की मांग

जौनपुर। नगर पालिका परिषद जौनपुर की कार्यप्रणाली को लेकर एक भूमि स्वामी ने गंभीर शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उसकी निजी भूमि पर बिना सहमति एवं आवश्यक विधिक प्रक्रिया के रास्ता बनाने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ता ने मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर निर्माण कार्य रुकवाने तथा संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के अनुसार बीर बहादुर सिंह पुत्र स्वर्गीय शिवरतन सिंह, निवासी ग्राम मुरादगंज, थाना खेतासराय, जनपद जौनपुर ने बताया कि राजस्व अभिलेखों में दर्ज गाटा संख्या 593, रकबा 0.1740 हेक्टेयर भूमि में उनका आधा हिस्सा है। शिकायतकर्ता के मुताबिक उक्त भूमि के आसपास काफी समय से कालोनी विकसित है और तीनों तरफ लोगों के मकान बने हुए हैं।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनकी भूमि के पूर्वी तरफ पहले से रास्ता मौजूद है, जबकि तीन दिन पूर्व कुछ लोगों के कहने पर नगर पालिका परिषद के ठेकेदारों के द्वारा मजदूर लगाकर अवैध अतिक्रमण करके उनकी भूमि की ओर रास्ता बनाने का प्रयास किया गया। आरोप है कि इस दौरान जेसीबी को प्लॉट के अंदर तक ले जाकर भूमि को क्षतिग्रस्त करने की कोशिश की गई।

बीर बहादुर सिंह ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि चन्द्रेश उर्फ मुन्ना पुत्र रामरतन सिंह एवं कुछ अन्य लोगों के उकसावे पर नगर पालिका के ठेकेदारों द्वारा यह कार्रवाई की गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब उन्होंने मौके पर पहुंचकर विरोध किया तो संबंधित लोगों से विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।

‘बिना अनुमति निजी भूमि में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं’

शिकायतकर्ता ने अधिकारियों को दिए प्रार्थना-पत्र में कहा है कि उनकी निजी भूमि पर बिना उनकी अनुमति अथवा सक्षम प्राधिकारी के विधिक आदेश के किसी प्रकार का निर्माण या रास्ता बनाए जाने की कार्रवाई न की जाए। उन्होंने आशंका जताई है कि यदि तत्काल रोक नहीं लगाई गई तो उनकी भूमि को नुकसान पहुंच सकता है और विवाद गंभीर रूप ले सकता है।

शिकायत के अंत में उन्होंने नगर पालिका परिषद के संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदारों को मौके पर जाकर स्थिति की जांच कराने तथा निजी भूमि में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप को तत्काल रोकने की मांग की है।