जौनपुर/ 25 हजार के इनामी निलंबित थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह ने किया सरेंडर
वसूली-लूटकांड में एसआईटी की जांच जारी, 40 मोबाइल नंबर सर्विलांस पर; राज नारायण गिरी समेत अन्य आरोपियों की तलाश तेज
25 हजार के इनामी निलंबित थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह ने किया सरेंडर
वसूली-लूटकांड में एसआईटी की जांच जारी, 40 मोबाइल नंबर सर्विलांस पर; राज नारायण गिरी समेत अन्य आरोपियों की तलाश तेज
जौनपुर। जलालपुर और सुरेरी थाना क्षेत्रों में दर्ज जबरन वसूली और लूट के मामलों में वांछित चल रहे निलंबित थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह ने सोमवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। उन पर पुलिस की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। आत्मसमर्पण के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) पहले से ही प्रकरण की गहन पड़ताल कर रहा है। जांच टीम आरोपों से जुड़े पुलिसकर्मियों और अन्य आरोपियों की भूमिका के साथ ही उनके आपसी संपर्क, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और बैंक खातों में हुए लेन-देन की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, दिव्य प्रकाश सिंह के अलावा राज नारायण गिरी पर भी 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज समेत कई स्थानों पर दबिश दी थी। जांच के दौरान करीब 40 मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं, ताकि आरोपियों के बीच संपर्क और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा सकें। इस मामले में पहले ही दो आरक्षियों समेत तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि कुछ अन्य आरोपियों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। एसआईटी ने जेल पहुंचकर गिरफ्तार आरोपियों से भी पूछताछ की है। पूछताछ में सामने आए तथ्यों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। बताया गया है कि मामले में युवकों को कथित तौर पर हिरासत में लेकर धमकाने, उनके साथ मारपीट करने और रुपये ट्रांसफर कराने के आरोपों की भी जांच की जा रही है। जलालपुर और सुरेरी थानों में दर्ज मुकदमों को जोड़कर एसआईटी पूरे घटनाक्रम की कड़ियां तलाश रही है।अब जांच टीम की नजर राज नारायण गिरी और अन्य फरार आरोपियों पर है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी साक्ष्यों, सीडीआर और बैंक लेन-देन की जांच से मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है।