उर्वरक दुकानों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 42 प्रतिष्ठानों की जांच; दो लाइसेंस निलंबित
निरीक्षण के दौरान उर्वरकों की गुणवत्ता, स्टॉक रजिस्टर, विक्रय अभिलेख, लाइसेंस, मूल्य सूची सहित अन्य जरूरी अभिलेखों की गहन जांच की गई। गुणवत्ता परीक्षण के लिए विभिन्न प्रतिष्ठानों से आठ उर्वरक नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए।
उर्वरक दुकानों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 42 प्रतिष्ठानों की जांच; दो लाइसेंस निलंबित
जौनपुर। जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. के निर्देश पर शुक्रवार को जिलेभर में उर्वरक प्रतिष्ठानों के खिलाफ आकस्मिक छापेमारी अभियान चलाया गया। जिला कृषि अधिकारी के नेतृत्व में गठित टीमों ने किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने तथा नकली और अमानक उर्वरकों की बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से 42 दुकानों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उर्वरकों की गुणवत्ता, स्टॉक रजिस्टर, विक्रय अभिलेख, लाइसेंस, मूल्य सूची सहित अन्य जरूरी अभिलेखों की गहन जांच की गई। गुणवत्ता परीक्षण के लिए विभिन्न प्रतिष्ठानों से आठ उर्वरक नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए।
जांच के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर पांच उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जबकि गंभीर अनियमितताओं के चलते दो दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नकली, अमानक अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत उर्वरकों की बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कृषि विभाग को नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षण अभियान लगातार जारी रखने के निर्देश दिए।
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें और खरीद का पक्का बिल अवश्य लें। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कृषि विभाग या जिला प्रशासन को इसकी सूचना दें।