100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ी किशोरी, महिला एसआई ने जान जोखिम में डालकर बचाया
गोरखपुर। एम्स थाना क्षेत्र के महादेव झारखंडी में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब कक्षा 9 में पढ़ने वाली 15 वर्षीय किशोरी करीब 100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गई और आत्महत्या करने की बात कहने लगी। सूचना मिलते ही एम्स थाने की पुलिस मौके पर पहुंची।
गोरखपुर। एम्स थाना क्षेत्र के महादेव झारखंडी में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब कक्षा 9 में पढ़ने वाली 15 वर्षीय किशोरी करीब 100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गई और आत्महत्या करने की बात कहने लगी। सूचना मिलते ही एम्स थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने किशोरी को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एम्स थाने में तैनात एसआई जागृति खरवार ने अपनी जान की परवाह किए बिना साहसिक कदम उठाया। पुलिस टीम की रणनीति के तहत वह स्वयं पानी की टंकी पर चढ़कर किशोरी के पास पहुंचीं और उसे समझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद उन्होंने किशोरी को सुरक्षित नीचे उतार लिया। इससे एक बड़ा हादसा टल गया।
बताया जा रहा है कि किशोरी की मां ने उसे उसके बॉयफ्रेंड से बातचीत करने से मना किया था। इसी बात से नाराज होकर वह पानी की टंकी पर चढ़ गई थी। हालांकि, पुलिस की तत्परता और एसआई जागृति खरवार के साहस के चलते किशोरी को सुरक्षित बचा लिया गया।
बहादुरी के लिए किया गया सम्मानित
घटना के अगले दिन सोमवार को एसआई जागृति खरवार को उनके साहस, सूझबूझ और तत्परता के लिए पुलिस विभाग की ओर से सम्मानित किया गया। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ और एसपी सिटी निमिष पाटिल ने उन्हें ‘बहादुर सम्मान’ प्रदान कर उनके साहस की सराहना की।
बताया गया कि जागृति खरवार की पहली पोस्टिंग गोरखपुर के एम्स थाने में हुई है। तैनाती के कुछ ही दिनों बाद किशोरी की जान बचाने के उनके साहसिक कदम की चर्चा पुलिस विभाग के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी हो रही है।
पुलिस अधिकारियों ने उनके साहस की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में अपनी जान जोखिम में डालकर किसी की जिंदगी बचाना पुलिस सेवा के कर्तव्य और मानवीय संवेदना का बेहतरीन उदाहरण है।