जौनपुर: सीएमओ कार्यालय के नोडल अधिकारी व निजी अस्पताल के खिलाफ जिलाधिकारी से जांच और एफआईआर की मांग

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि शिकायत के बाद कथित रूप से 05 नवंबर 2022 की तिथि अंकित कर बैकडेट में जांच आख्या तैयार की गई, जिसके कारण मामला लंबे समय तक लंबित रहा और संबंधित अस्पताल के विरुद्ध कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई।

जौनपुर: सीएमओ कार्यालय के नोडल अधिकारी व निजी अस्पताल के खिलाफ जिलाधिकारी से जांच और एफआईआर की मांग

जौनपुर: सीएमओ कार्यालय के नोडल अधिकारी व निजी अस्पताल के खिलाफ जिलाधिकारी से जांच और एफआईआर की मांग

जौनपुर।

जौनपुर जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में तैनात पी.एम.पी. के नोडल अधिकारी डॉ. राजीव कुमार तथा नईगंज स्थित राजन हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर के संबंध में गंभीर आरोप लगाते हुए पत्रकार एवं शिकायतकर्ता दीपचन्द यादव ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपकर पूरे प्रकरण की स्वतंत्र मजिस्ट्रेट अथवा विजिलेंस जांच कराने और जांच में आरोप सही पाए जाने पर एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, राजन हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर के विरुद्ध पूर्व में चिकित्सीय अनियमितताओं एवं संचालन संबंधी शिकायतें की गई थीं। आरोप है कि मामले की जांच कर रहे नोडल अधिकारी ने तथ्यों के अनुरूप कार्रवाई करने के बजाय अस्पताल के पक्ष में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिससे उसके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि शिकायत के बाद कथित रूप से 05 नवंबर 2022 की तिथि अंकित कर बैकडेट में जांच आख्या तैयार की गई, जिसके कारण मामला लंबे समय तक लंबित रहा और संबंधित अस्पताल के विरुद्ध कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबंधित नोडल अधिकारी लंबे समय से एक ही पटल पर तैनात हैं, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता प्रभावित हुई है तथा शासन की स्थानांतरण एवं पटल परिवर्तन संबंधी नीति का पालन नहीं किया गया। इसके अतिरिक्त, सीएमओ कार्यालय में कुछ निजी व्यक्तियों के कथित अनधिकृत हस्तक्षेप तथा शासकीय अभिलेखों तक उनकी पहुंच की भी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई है।

जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में मांग की गई है कि पूरे मामले की स्वतंत्र मजिस्ट्रेट अथवा विजिलेंस जांच कराई जाए, पूर्व में प्रस्तुत जांच रिपोर्टों की पुनः समीक्षा की जाए, राजन हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर की निष्पक्ष जांच कर आवश्यकतानुसार पंजीकरण संबंधी कार्रवाई की जाए तथा यदि जांच में अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं तो भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम एवं अन्य लागू विधिक प्रावधानों के तहत संबंधित अधिकारियों एवं अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारी का स्थानांतरण अथवा उन्हें गैर-संवेदनशील पटल पर तैनात किए जाने की भी मांग की गई है।

प्रशासनिक पक्ष की प्रतीक्षा

समाचार लिखे जाने तक जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से शिकायत पर कोई आधिकारिक निर्णय या जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई थी। वहीं, नोडल अधिकारी डॉ. राजीव कुमार तथा राजन हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर का पक्ष भी प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।